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Akhil Bhartiya Bhumihar Brahmin Mahasangh

Swami Sahjanand Saraswati Jayanti Samaroh

स्वामी सहजानन्द सरस्वती की जयंती के अवसर पर स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान विश्वकोश के प्रथम खण्ड मेरा जीवन संघर्ष का लोकार्पण

 

स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान सुचना केन्द्र के द्वारा रविवार 6 मार्च 2011 को गांधी शांति प्रतिष्ठान नई दिल्ली में स्वामी सहजानन्द सरस्वती की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान सूचना केन्द्र के द्वारा स्वामी जी द्वारा लिखित पुस्तकों में से स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान विश्वकोश के रुप में प्रकाशित किया जा रहा है जिसका प्रथम खण्ड मेरा जीवन संघर्ष का लोकार्पण किया गया। मेरा जीवन संघर्ष का लोकार्पण संयुक्त रुप से बीएचईएल के पूर्व महानिदेशक श्री पार्थसारथी, किसान विश्वकोश के संपादक द ग्लोबल ओपन युनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. प्रियरंजन त्रिवेदी, स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान सूचना केन्द्र के अध्यक्ष श्री मनीष कुमार शेखर, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अशोक कुमार सिंह, अखिल भारतीय ब्रह्मर्षि महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव श्री ओमप्रकाश त्यागी , नेशन फर्स्ट के अध्यक्ष श्री रामनगीना सिंह ने किया।

 

इस अवसर पर डॉ. प्रियरंजन त्रिवेदी ने कहा कि स्वामी जी किसानों के महानायक थे। उनके आदर्शो और विचारो को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान विश्वकोश सहायक बनेगा। वर्तमान परिवेश में स्वामी जी के विचारों को अपनाने एवं किसानों को आगे बढ़ाने की पहल करने की आवश्यकता हैं। स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान सूचना केन्द्र प्रत्येक पंचायत में खोला जा रहा है जिससे किसानों के जीवन में एक क्रांतिकारी बदलाव आयेगा। किसानो के संगठित प्रयास से देश आगे बढ़ेगा। बीएचईएल के पूर्व महानिदेशक श्री पार्थसारथी ने स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान सूचना केन्द्र की पहल की प्रशंसा की और सभी लोगों को इसमें आवश्यक सहयोग करने की आवश्यकता बताई। श्री पार्थसारथी ने पंचायतो में अपना हर संभव सहयोग एवं मार्गदर्शन देने की बात कही। दिल्ली विश्व विद्यालय के प्रोफेसर श्री अशोक कुमार सिंह ने कहा कि स्वामी जी का किसान आंदोलन किसानों के शोषण से मुक्त कराने एवं आजादी की लड़ाई में सहयोगी बना अब उनके आदर्शो एवं विचारो का भारत बनाने की आवश्यकता है। अखिल भारतीय ब्रह्मर्षि महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव श्री ओमप्रकाश त्यागी ने कहा कि स्वामी जी के किसान आंदोलन कि तरह देश में किसान आंदोलन की आवश्यकता है ताकि किसान अपने पैरो पर खड़े हो सके। नेशन फर्स्ट के अध्यक्ष श्री रामनगीना सिंह ने कहा कि स्वामी सहजानन्द सरस्वती के विचारो का भारत बनाने के लिए  स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान सूचना केन्द्र बहुत बड़ा माध्यम बनेगा। देश को आगे बढ़ाने के लिए किसानो को आगे लाना पड़ेगा। स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान सूचना केन्द्र के अध्यक्ष मनीष कुमार शेखर ने कहा कि किसानों आगे बढ़ने के लिए संगठित होना आवश्यक है। देश के सभी पंचायतो में स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान सूचना केन्द्र की स्थापना से किसान आर्थिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे। शेखर युवाओं को आगे आने की अपील करते हुए कहा कि रचनात्मक सोच के युवाओं को आगे आने से राजनीति एवं समाज सेवा के क्षेत्र को एक नई दिशा मिलेगी। स्वामी जी किसान को भगवान से बढ़कर कहा था इसलिए भगवान की सेवा के लिए सबका सहयोग आवश्यक है। समारोह में विचार व्यक्त करने वालो में गांधी शांति प्रतिष्ठान के सचिव श्री सुरेन्द्र कुमार, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर स्मृति न्यास के अध्यक्ष श्री नीरज कुमार, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर श्री आर के सिन्हा, समाजसेवी श्री राजीव रंजन राय, अधिवक्ता श्री रविशंकर कुमार, श्री भारत भुषण दिनकर, श्री शत्रुघ्न सिंह आदि प्रमुख थे।

 

 

स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान विश्वकोश के प्रथम खण्ड मेरा जीवन संघर्ष का लोकार्पण गांधी शांति प्रतिष्ठान नई दिल्ली में रविवार 6 मार्च 2011 को किया गया।

श्री ओमप्रकाश त्यागी, मनीष कुमार शेखर, डॉ. प्रियरंजन त्रिवेदी, पार्थसारथी, अशोक कुमार सिंह, रामनगीना सिंह(बांए से दांए)

मेरा जीवन संघर्ष का लोकार्पण संयुक्त रुप से बीएचईएल के पूर्व महानिदेशक श्री पार्थसारथी, किसान विश्वकोश के संपादक द ग्लोबल ओपन युनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. प्रियरंजन त्रिवेदी, स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान सूचना केन्द्र के अध्यक्ष श्री मनीष कुमार शेखर, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अशोक कुमार सिंह, अखिल भारतीय ब्रह्मर्षि महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव श्री ओमप्रकाश त्यागी , नेशन फर्स्ट के अध्यक्ष श्री रामनगीना सिंह ने किया।

 

मनीष कुमार शेखर

09910623355

 


किसानों द्वारा अपने बल पर आगे बढ़ने की पहल

 रोजगार याचक के बदले रोजगार सृजक बनना होगा- ­­मनीष    

किसान संगठित होकर अपने हित के लिए खुद आगे आकर योजना बनाने से लेकर उसका क्रियान्वयन करे ऐसी पहल स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान सूचना केन्द्र ने की हैं। 12 जुलाई 2010 को पूर्वी चम्पारण जिले से इसका शंखनाद किया गया। भारी वर्षा के बाद भी जिले के सभी क्षेत्रों के किसान मोतिहारी के नगर भवन में जमा होकर अपने विकास के लिए किसी पर निर्भर नही रहने का संकल्प लिया। स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान सूचना केन्द्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनीष कुमार शेखर ने किसानो के सहयोग से कृषि पर आधारित उधोग लगाने का प्रस्ताव रखा जिसको जिले के महत्वपूर्ण किसान श्री शिव पूजन ठाकुर, डा0 सी बी0 सिहं, वशिष्ठ नरायण शुक्ला, शिव दर्शन शर्मा, व्यास प्रसाद सिंह, रत्नेश्वरी शर्मा, केशव दास, प्रभाकर कुमार शर्मा, कामेश्वर ठाकुर, मुरारी पाण्डेय, जग्गनाथ पाण्डेय, मोहन सिंह, माधव सिंह, विजय कुमार सिंह, हरिश्चन्द्र प्रसाद, विजय कुमार ठाकुर, प्रियरंजन, श्री नरायण मुनि, गौरीशंकर पाण्डेय, शत्रुध्न पाण्डेय, रामाधार ठाकुर, त्रृषि सिंह, रंजन सिंह सहित सभी किसानो ने हर संभव सहयोग देने की बात कही। किसान एवं ग्रामीण विकास के लिए स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान सूचना केन्द्र 13 सूत्री महत्वपूर्ण कार्यक्रम चलाने वाली है, जिसमें किसानों को उन्नत एवं लाभकारी खेती का मार्गदर्शन देना। समय-समय पर कृषि वैज्ञानिको एवं विशेषज्ञो के माध्यम से जिला एवं प्रखण्ड स्तर पर कार्यशाला एवं सेमिनार का आयोजन करना। किसानों एवं ग्रामीण विकास के लिए पत्रिका एवं पुस्तकों का प्रकाशन करना एवं पंचायतो तक पहुँचना। ग्रामोद्योग के विकास हेतु प्रत्येक पंचायत में उत्पादन एवं बिक्री केन्द्र की स्थापना करना। किसानो के माध्यम से कृषि पर आधारित उद्योग स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण एवं सहायता प्रदान करना। किसानों के माध्यम से बीज उत्पादन केन्द्र की स्थापना करना ताकि सस्ते दरों पर उन्नत बीज प्राप्त हो सके। किसानों की सहायता के लिए मिट्टी जांच केन्द्रों की स्थापना करना किसान के बच्चों के लिए उत्तम शिक्षा की व्यवस्था करना। प्रत्येक जिला में तकनीकी एवं प्रबंधन संस्थान की स्थापना करना। युवाओं को शिक्षा प्राप्त करने के बाद बेहतर कैरियर के लिए मार्गदर्शन करना। प्रत्येक पंचायत में योग केन्द्र की स्थापना करना। प्रत्येक पंचायत में किसानो के लिए मुफ्त चिकित्सा केन्द्र की व्यवस्था करना। प्रत्येक पंचायत में प्राकृतिक चिकित्सा एवं औषधिमुक्त चिकित्सा का प्रशिक्षण एवं चिकित्सा केन्द्र खोलन।स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान सूचना केन्द्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनीष कुमार शेखर ने बताया कि किसान मजदूरो के खुशहाली से ही स्वर्णिम भारत का निर्माण हो सकता हैं, इसी सोच एवं विश्वास से किसान मजदूरो के बेहतर जीवन के लिए प्रत्येक पंचायत में स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान सूचना केन्द्र खोला जा रहा हैं। शुरु के दौर मे यह बिहार एवं झारखण्ड के पंचायतो मे खोला जा रहा हैं इसके सफल संचालन के बाद देश के प्रत्येक पंचायत में खुलेगा। स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान सूचना केन्द्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष कुमार शेखर मानते हैं कि किसान एवं मजदूर के विकास से ही हम दुनिया मे शांति, प्रेम एवं विकास का संदेश दे सकते हैं। सबको मिलकर कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए कार्य करने पर भारत फिर से एक बार विश्व गुरु के रुप में दुनिया का मार्गदर्शन कर सकता है। उत्तम खेती मध्यम वाण, नीच चाकरी भीख निदान। यही सोच था भारत का। सोने की चिड़ियाँ कही जाने वाली भारत के पास क्या था, जो आज नहीं है। सब कुछ पहले से ज्यादा है, फिर भी देश में बेरोजगारी हिंसा एवं आतंकवाद बढ़ रहा है। जिस पर आज गंभीर चिंतन की आवश्यकता है।

हमारा देश किसानों का देश है। देश के अस्सी प्रतिशत लोग अपने जीवन का आधार कृषि को बनाया है लेकिन कृषि की बदहाली के कारण किसान मजदूर का बेटा कृषि कार्य छोड़ दूसरे अन्य़ क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं तलाश रहा है जो निश्चित रुप से देश के लिए एक खतरनाक संकेत है। आज हम विकसित भारत के रुप में दुनिया में एक शक्ति बनना चाहते है जो देश के करोड़ो लोगो के सार्थक प्रयास से ही सफल हो सकता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर कृषि उत्पादों के निर्यात से हम विकसित भारत का निर्माण कर सकते हैं। प्रकृति ने भारत को सबकुछ दिया है । यहां के किसान मजदूर भी काफी मेहनती एवं ईमानदार हैं। किसानों को सही मार्गदर्शन देकर हम स्वर्णिम भारत का निर्माण कर सकते है। भुमंडलीकरण के इस युग में करोड़ो किसान मजदूर के माध्यम से उनके उत्पादों को दुनिया तक पहुंचा सकते हैं। आवश्यकता है विश्व बाजार को देख कर नीतियां बनाने की। बहुराष्ट्रीय कंपनिया भारत के ही किसानो का आलु पाँच रुपये किलो खरीद कर उसे पुनः चिप्स के रुप में सौ रुपये किलो बेच देती है। प्रकृति द्वारा मुफ्त दिया गया पानी बोतलों में बंद कर बेच लेती है। भुमंडलीकरण का लाभ भारत को अपने श्रम पूंजी(जनसंख्या) के कारण सबसे ज्यादा मिलना चाहिए लेकिन नहीं मिल पा रहा है। इसका एक मात्र कारण है हमारे अंदर उद्यमशीलता की कमी। हम जोखिम उठाना नहीं चाहते। सरल रास्ते पर ही चलना चाहते हैं। सूचना का अभाव भी महत्वपुर्ण कारण है। हमारी नई पीढ़ी को रोजगार याचक बनने का प्रशिक्षण दिया गया है। आज देश में मनोवृति परिवर्तन की जरुरत है। रोजगार याचक के बदले रोजगार सृजक बनना होगा। उच्च शिक्षा ग्रहण किये हुए युवाओं को किसानों के मार्गदर्शन के लिए आगे आना होगा। कृषि पर आधारित ही गाँव के सभी रोजगार होते हैं, किसान ही पुरे गाँव का पोषण करता है। विकास की रोशनी गाँव से निकले यही भारत की संरचना है।

 

Bhumihar Samachar

 

पर्यावरण कॉम्प्लेक्स,नई दिल्ली में रविवार को मकर संक्रांति उत्सव का उदघाटन करते हुए सांसद श्री जयप्रकाश नारायण सिंह, विश्व भूमिहार समाज के अध्यक्ष डॉ प्रियरंजन त्रिवेदी, अखिल भारतीय भूमिहार ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष श्री रामनगीना सिंह, उत्तर प्रदेश के पूर्व विधान पार्षद श्री रामाशीष राय, अखिल भारतीय भूमिहार ब्राह्मण महासंघ के अध्यक्ष श्री मनीष कुमार शेखर

भूमिहार ब्राह्मणों ने पर्यावरण कॉम्प्लेक्स
नई दिल्ली में मनाया मकर संक्रांति उत्सव

 नई दिल्ली,18 जनवरी, भूमिहार ब्राह्मणों के द्वारा मकर संक्रातिं उत्सव का आयोजन पर्यावरण कॉम्प्लेक्स में किया गया, जिसका उदघाटन माननीय सांसद श्री जयप्रकाश नारायण सिंह ने किया। अपने उदघाटन भाषण में श्री सिंह ने कहा कि भूमिहारों को संगठित हो कर समाज को आगे बढ़ाने में सक्रिय होना होगा। भूमिहार ब्राह्मण राष्ट्र को आगे बढ़ाने में आपना पुरा सहयोग दे सकते है क्योंकि प्रकृति ने भूमिहारों को बुद्धि, विद्या और धन में सम्पन्न बनाया हैं

  विश्व भूमिहार समाज के अध्यक्ष डॉ प्रियरंजन त्रिवेदी ने कहां कि गॉव के निचले स्तर तक शिक्षा पहुंचाने के लिए प्रयास करना होगा। सबके लिए शिक्षा सुलभ होने पर ही समाज में शांति, भाईचारा एवं विकास संभव हो सकेगा।

   अखिल भारतीय भूमिहार ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष श्री रामनगीना सिंह ने कहा कि देश के विभिन्न प्रदेशो में भूमिहारों को संगठित कर विकास के लिए कार्य किया जा सकता हैं।

अखिल भारतीय भूमिहार ब्राह्मण महासंघ के अध्यक्ष श्री मनीष कुमार शेखर ने कहा कि रचनात्मक सोच के युवाऔं को आगे आना होगा, भूमिहार ब्राह्मण ही परिस्थितियों को बदलने में सक्षम है। किसानों को मदद करने से तेजी से विकास हो सकेगा।

 उत्तर प्रदेश के पूर्व विधान पार्षद श्री रामाशीष राय ने संगठन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास करने की आवश्यकता बताई।

 समारोह में विचार व्यक्त करने वालो में श्री कामेश्वर नाथ राय, डॉ सुरेन्द्र कुमार, डॉ जनार्दन प्रसाद सिंह, श्री पार्थसारथी, श्री दिनेश्वर राय, श्री आनन्द प्रकाश, श्री वरुण सिन्हा, डॉ एस.एन सिंह, श्री एस.डी.राय आदि प्रमुख थे। कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्रोच्चारण से तंत्र विशेषज्ञ स्वामी हलधर गुरु ने किया।

 

 

होली मिलन समारोह

नई दिल्ली,28 फरवरी। होली के अवसर पर रविवार 28 फरवरी को पर्यावरण कॉम्पलेक्स नई दिल्ली में भूमिहार ब्राह्मणों ने होली मिलन समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर विश्व भूमिहार समाज के अध्यक्ष डॉ. प्रियरंजन त्रिवेदी ने कहा कि होली भाईचारे एवं मिलन का पर्व है जिसमें सबको मिल कर आगे बढ़ने का संकल्प लेना चाहिए। सबको शिक्षा मिले ऐसे कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता है। शिक्षा से ही प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया जा सकता है। अखिल भारतीय भूमिहार ब्राह्मण समाज के पूर्व अध्यक्ष श्री रामसागर ठाकुर ने कहा कि भूमिहार ब्राह्मणो को आगे बढ़ कर सभी के विकास हेतु कार्य करने की आवश्यकता है। भूमिहार समाज देश को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देते आ रहा है जिसे वर्तमान परिवेश में और बढ़-चढ़ कर अधिक काम करने की जरुरत है। अखिल भारतीय भूमिहार ब्राह्मण महासंघ के अध्यक्ष मनीष कुमार शेखर ने कहा कि भूमिहार ब्राह्मण शुरु से ही कृषि के माध्यम से सभी जातियों को मदद करता आ रहा है। कृषि की बदहाली के कारण देश में बेरोजगारी, हिंसा एवं आतंकवाद बढ़ रहा है।

कृषि को रोजगारपरक बनाने के लिए प्रत्येक पंचायत में स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान सूचना केन्द्र खोला जा रहा है। केन्द्र के माध्यम से सभी जाति एवं वर्ग के किसानो को उत्तम एवं लाभकारी खेती की जानकारी दी जाएगी। किसान संपन्न एवं खुशहाल बनेंगे जिससे आपसी प्रेम एवं भाईचारा बढ़ेगा। निगम पार्षद श्री रामपाल ने होली की शुभकामनाएं देते हुए मिलजुल कर आगे बढ़ने की बात कही। भवन निर्माण के क्षेत्र में काम कर रहे उद्यमी श्री उमेश चन्द्र तिवारी ने कहा कि अपने क्षेत्र के सफल व्यक्तियों को नई पीढ़ी के युवाओं को मार्गदर्शन देकर आगे बढ़ाना चाहिए। सेवानिवृत रक्षा अधिकारी श्री एस.डी. राय ने सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास के लिए काम करने की आवश्यकता बताई।समारोह में विचार व्यक्त करने वालों में श्री बिन्देश्वर शर्मा,श्री सुरेन्द्र दत्ता, श्री भगवान चौधरी, कैप्टन ए.के. पाण्डेय, दिनकर शर्मा, बृजमोहन ठाकुर, कमलेश राय, अशोक तिवारी, प्रभात कुमार, प्रभाकर ठाकुर आदि प्रमुख थे। धन्यवाद ज्ञापन भारतीय मानव अधिकार संस्थान की विशेष कार्य पदाधिकारी श्रीमती तनुजा त्रिवेदी ने किया

मनीष कुमार शेखर
09910623355
 

 

 

बिहार केसरी डा. श्रीकृष्ण सिंह की जयन्ती समारोह पंचायतों में
स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान सूचना केन्द्र का प्रस्ताव

 

नई दिल्ली 19 अक्टूबर, 2008

अखिल भारतीय भूमिहार ब्राह्मण महासंघ द्वारा नई दिल्ली के पर्यावरण सभागार में बिहार केसरी डा. श्री कृष्ण सिंह की जन्म जयन्ती समारोह मनाया गया। समारोह को सम्बोध्ति करते हुए द ग्लोबल ओपन यूनिवर्सिटी नागालैण्ड के कुलाध्पिति प्रो. डा. प्रिय रंजन त्रिवेदी ने कहा कि बिहार केसरी डा. श्री कृष्ण सिंह जाति एवं व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्र की सेवा की थी। उनका जीवन ही एक संदेश है। अखिल भारतीय भूमिहार ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष श्री रामनगीना सिंह ने कहा कि श्री बाबु के समान विरले नेता पैदा होते है। उनके जीवन का प्रत्येक क्षण प्रेरणादायक था। गाँध्ी शान्ति प्रतिष्ठान के सचिव श्री सुरेन्द्र कुमार ने कहा कि श्री बाबु के पथ पर युवाओं को चलना चाहिए। मुम्बई में अंगोला रिपब्लिक के मानद महावाणिज्यदूत श्री शर्मा नन्द शर्मा ने कहा कि हमें अपनी गलतियों से शिक्षा लेनी चाहिए। उन्होंने अपनी पुस्तक ‘हम भटके कहाँ’ की प्रति अखिल भारतीय भूमिहार ब्राह्मण महासंघ के अध्यक्ष श्री मनीष कुमार शेखर को भेंट किया।

अखिल भारतीय भूमिहार ब्राह्मण महासंघ के अध्यक्ष श्री मनीष कुमार शेखर ने कहा कि रचनात्मक कार्य में युवाओं को लगाने से राष्ट्र का पूर्ण विकास हो सकेगा। उन्होंने महासंघ की तरपफ से प्रत्येक पंचायत में स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसान सूचना केन्द्र खोलने का प्रस्ताव दिया, जिसे सभी सदस्यो ने स्वीकृति दी। श्री शेखर ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्रा में काम करने वाले लोगो को अपने कार्य के प्रति ईमानदारी ही श्री बाबु के प्रति सच्ची श्रद्वाजंलि होगी।

श्री विन्देश्वर शर्मा ने श्री कृष्ण सिंह पर कविता पाठ किया। समारोह में अपना विचार व्यक्त करने वालो में सर्व श्री प्रो. इन्द्रजीत पाण्डेय, शत्राुघ्न सिंह, शशिभूषण सिन्हां, अनिल शर्मा, नवल किशोर ठाकुर, रविशंकर कुमार आदि प्रमुख थे।

 

अखिल भारतीय भूमिहार ब्राह्मण महासंघ द्वारा
मक्रर संक्रान्ति उत्सव एवं मिलन समारोह का आयोजन

 

नई दिल्ली, 13 जनवरी

अखिल भारतीय भूमिहार ब्राह्मण महासंघ के तत्वाधन में मकर संक्रान्ति उत्सव एवं मिलन समारोह स्थानीय भारतीय पर्यावरण संस्थान सभागार में मनाया गया। मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए सासंद जयप्रकाश नारायण सिंह ने कहा कि भूमिहार ब्राह्मणों को समाज के विकास की पुरी जिम्मेदारी लेकर काम करना चाहिए। प्रकृति ने भूमिहार ब्राह्मणों को सम्पन्न बनाया है, उन्हें सिपर्फ अपनी योग्यता एवं क्षमता का पूरा सदुपयोग करने की आवश्यकता है। द् ग्लोबल ओपन यूनिवर्सिटी नागालैण्ड़ के प्रो चान्सलर डा. प्रिय रंजन त्रिवेदी ने कहा कि रोजगार सृजन के क्षेत्रा में कार्य करने की आवश्यकता है।

अखिल भारतीय भूमिहार ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष श्री राम नगीना सिंह ने कहा कि अयाचक ब्राह्मणों का गौरवशाली इतिहास रहा है, जिसके गौरव को बढ़ाने का काम करना है। अखिल भारतीय भूमिहार ब्राह्मण महासंघ के अध्यक्ष मनीष कुमार शेखर ने कहा कि महासंघ ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रा में रोजगार सृजन कार्यक्रम चलायेगा। शेखर ने युवाओ को आगे आकर काम करने का आहृवान् किया। समारोह को सम्बोध्ति करने वालो में सर्व श्री कामेश्वर नाथ राय, आनन्द प्रकाश, डा. संजीव दिव्यदर्शी, राय चन्द्र भूषण शर्मा, दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त अध्किारी रामयश पाण्डेय, ब्रज मोहन ठाकुर, प्रवीण कुमार, शत्राुघ्न कुमार सिंह आदि प्रमुख थे। कार्यक्रम के अन्त में कविता पाठ श्री विन्देश्वर शर्मा ने किया एवं ध्न्यवाद ज्ञापन महासंघ के कोषाध्यक्ष नन्दजी मिश्र ने किया।
 

 



 


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